साभार 'एबीपी न्यूज़'

कुछ आंकड़ों पर नजर


1-खाड़ी देशों में 2017 में 2015 के मुकाबले काम करने वाले भारतीयों की संख्या में इजाफा हुआ है. केवल कुवैत में काम करने वालों के संख्या में कमी आई है।  


2- 2018 की बात करें तो 1614 लोगों की मौत अमेरिका में, 200 लोग बहरीन में, 595 कुवैत में, 483 ओमान में, 261 कतर में और 2,277 साउदी में मरे हैं।  



3- 40 भारतीय नागरिकों की 15 अलग-अलग देशों में सजा काटते हुए मौत हुई है, जबकि 8445 भारतीय 68 अलग-अलग देशों के जेल में बंद हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक तेलंगाना से हर साल 100 लोगों की जान खाड़ी देशों में जाती है. रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा मौत सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में हुई है। 

 
इन मौतों के पीछे खराब स्थिति, कर्ज, एजेंटों द्वारा धोखा और परिवार में जारी कलह बताया गया है।  

हर साल भारत से कई हजार मजदूर रोजगार की तलाश में खाड़ी देशों में जाते हैं लेकिन उनमें से कई लौट कर नहीं आ पाते।  

टाइम्स ऑफ इंडिया के खबर के मुताबिक पिछले चार सालों में 28,523 भारतीयों की 6 अरब देशो में मौत हुई है। 

 
मरने वाले भारतीयों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से हैं।  

अरब देशों में मजदूरी का सच, 4 साल में 28 हजार से ज्यादा भारतीयों ने खोई जान-रिपोर्ट